| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 15258/1249 | नाटक | हे बंध रेशमाचे | रणजित देसाई | रा.ज.देशमुख | 62 | |
| 19396/1983 | संकीर्ण | हे बंध पुराणे | सुनीती अशोक देशपांडे | मेहता पब्लिकेशन हाऊस | 134 | |
| 21355/1959 | चरित्र | हे प्रत्ययाचे बोलणे | पुरूषोत्तम पांडुरंग गोखले | पुरूषोत्तम पांडुरंग गोखले | 182 | |
| 5549/706 | संकीर्ण | हे नेते जनतेचे | वि.स.वाळिंबे | उत्कर्ष प्रकाशन | 219 | |
| 8988/214 | प्रवास वर्णन | हे देश ही माणसे | शांता धांदरफळे | कॉन्टिनेन्टल प्रकाशन | 135 | |
| 9018/229 | प्रवास वर्णन | हे देश ही माणसे | शांता धांदरफळे | कॉन्टिनेन्टल प्रकाशन | 133 | |
| 9019/229 | प्रवास वर्णन | हे देश ही माणसे | शांता धांदरफळे | कॉन्टिनेन्टल प्रकाशन | 133 | |
| 2561/3088 | कादंबरी | हे तो श्रींची इच्छा | गोपाल नीलकण्ठ दांडेकर | मॅजेस्टिक बुक स्टॉल | 181 | |
| 112/145 | कादंबरी | हे तो श्रींची इच्छा | गोपाल नीलकण्ठ दांडेकर | मॅजेस्टिक बुक स्टॉल | 181 | |
| 11730/1196 | लघुकथा | हे तो प्रचीतीचे बोलणे | मुक्ताबाई दीक्षित | उपेंद्र वि.दीक्षित | 176 |