| 15556/36 | अध्यात्म | ईशावास्योपनिषद् द्वैताद्वैतभाष्यभाषांतरांसह | चिंतामण गंगाधर भानु | दामोदर सांवळाराम आणि मंडळी | 218 |
| 16580/415 | अध्यात्म | ज्ञानेश्वर चरित्र आणि ज्ञानेश्वरी चर्चा | प्रो.शं.गो. वाळिंबे | श्री.मो.गो.वाळिबें | 245 |
| 15557/37 | अध्यात्म | पदबोधिनीगीता ह्मणजे मूळगीतेंतील सर्व श्र्लोकांच्या प्रत्येकपदांची महाराष्ट्रभाषेंत व्याख्या | गंगाधर गोपाळ पत्की व त्र्यंबक गोविंद किराणे | 0 | 209 |
| 16069/216 | अध्यात्म | श्रीमद्भगवद्गीताभाष्यार्थ | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | 1287 |
| 15558/38 | अध्यात्म | गीतार्थबोधिनी | काशिनाथ वासुदेव खांडेकर | नारायण रामचंद्र सोहनी | 427 |
| 15559/39 | अध्यात्म | गीतार्थबोधिनी ह्मणजे मूळगीतेवर समश्र्लोकी, आर्या, दोहा, अभंग अशा पांच प्रकारच्या टीका आहेत | रावजी श्रीधर गोंधळेकर | जगद्धितेच्छु छापखाना | 353 |
| 15815/129 | अध्यात्म | श्रीमद्भगवद्गीता | श्री हरिकृष्णदास गोयन्दका | गीता प्रेस | 518 |
| 16071/217 | अध्यात्म | बृहद्योग वासिष्ठसार भाग 3 रा | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | दामोदर सांवळाराम आणि मंडळी | 1987 |
| 16583/416 | अध्यात्म | श्री सार्थ ज्ञानेश्वरी अध्याय 7 वा | प्रो.शं.गो. वाळिंबे | श्री.मो.गो.वाळिबें | 154 |
| 15560/40 | अध्यात्म | श्रीमद्भगवद्गीता जीवन्मुखी टीकेसह | अनंत शांतप्पा नाडकर्णी | कर्नाटक छापखाना | 372 |