| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 17911/1093 | काव्य | स्वप्नगंधा | बि.भा.नेमाडे | गो.य.राणे | 76 | |
| 17912/1092 | काव्य | उन्मेष आणि उद्रेक | भ.श्री.पंडित | केशव भिकाजी ढवळे | 82 | |
| 17913/1165 | काव्य | काव्यवाहिनी-1 | कुसुमाग्रज | अ.अं.कुलकर्णी | 160 | |
| 17914/1164 | काव्य | जिप्सी | मंगेश पाडगांवकर | पाप्युलर प्रकाशन | 54 | |
| 17915/1163 | काव्य | महानुभाव गद्य | शं.गो.तुळपुळे | विदर्भ मराठवाडा | 141 | |
| 17916/1162 | काव्य | महानुभाव गद्य | शं.गो.तुळपुळे | विदर्भ मराठवाडा | 107 | |
| 17917/1161 | काव्य | पिंपळपान | कुसुमाग्रज | अ.अं.कुलकर्णी | 230 | |
| 17918/1160 | काव्य | तव चरणीं ही अञ्जली ! | गोपीनाथ तळवलकर | दा.न.शिखरे | 111 | |
| 17919/1159 | काव्य | गीत गायिले प्रीतिचे | राम काळे | वंदना प्रकाशन मंदिर | 100 | |
| 17920/1159 | काव्य | गीत गायिले प्रीतिचे | राम काळे | वंदना प्रकाशन मंदिर | 100 |