| 12366/419 | पौराणिक | श्रीम्दभागवत खंड 12वा | अच्युत जयवंत प्रभू | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 408 |
| 12367/420 | पौराणिक | श्रीम्दभागवत खंड 13वा | अच्युत जयवंत प्रभू | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 339 |
| 13903/288 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारताचें मराठी सुरस भाषांतर खंड दुसरा | प्रा.नरहर रघुनाथ फाटक | सुरेखा प्रकाशन | 573 |
| 20303/552 | पौराणिक | निवडक स्तोत्रे | शं. बा. मठ | मधु श्री प्रकाशन | 86 |
| 21327/598 | पौराणिक | प्रारंभी विनति करू गणपति | लतिका खानवलकर | डॉ स्मिता खानवलकर | 57 |
| 12368/421 | पौराणिक | श्रीमभ्दागवत खंड 14वा | अच्युत जयवंत प्रभू | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 349 |
| 12624/976 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारत या ग्रंथाचें मराठी सुरस भाषांतर पुस्तक पाचवें | रा.रा.रामचंद्र भिकाजी दातार आणि रा.रा.महादेव हरी मोडक | गणेश विष्णु चिपळुणकर | 700 |
| 13904/290 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारताचें मराठी सुरस भाषांतर खंड पांचवा | प्रा.नरहर रघुनाथ फाटक | सुरेखा प्रकाशन | 484 |
| 12113/128 | पौराणिक | स्कन्दपुराण सह्याद्रिखण्ड | व्याकरणाचार्य गजाननशास्त्री गायतोंडे | श्री कात्यायनी पब्लिकेशन्स | 323 |
| 12369/422 | पौराणिक | श्रीम्दभागवत खंड 15वा | अच्युत जयवंत प्रभू | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 320 |