| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 18215/1281 | काव्य | तीस तीन फुलें | वै.ल.पेंडसे | दामोदर सांवळराम आणि मंडळी | 68 | |
| 16647/253 | काव्य | श्रीसोहिरोबानाथ-कवितासंग्रह | वै.शि.देशकुळकर्णी | वै.शि.देशकुळकर्णी | 216 | |
| 17183/648 | काव्य | कविता संग्रह | वै.शि.देशकुळकर्णी | वै.शि.देशकुळकर्णी | 216 | |
| 16557/173 | काव्य | श्रीसोहिरोबानाथ-कवितासंग्रह | वै.शि.देशकुळकर्णी | वै.शि.देशकुळकर्णी | 216 | |
| 16925/528 | अध्यात्म | सार्थ श्रीतुकारामाची गाथा | वै.ह.भ.प. विष्णु नरसिंह जोगमहाराज | धनंजय बाळकृष्ण ढवळे | 1036 | |
| 19612/1975 | कादंबरी | शिकारी | वैजंयती काळे | 0 | 258 | |
| 2323/2741 | कादंबरी | तीन भिंती | वैजनाथ कळसे | उपलब्ध नाही | 168 | |
| 2228/2600 | कादंबरी | तीन भिंती | वैजनाथ कळसे | मॅजेस्टिक बुक स्टॉल | 168 | |
| 11305/108 | धर्म | निरूक्ताचें मराठी भाषांतर | वैजनाथ काशिनाथ राजवाडे | इचलकरंजी ग्रंथमाला | 1404 | |
| 11306/108 | धर्म | निरूक्ताचें मराठी भाषांतर | वैजनाथ काशिनाथ राजवाडे | इचलकरंजी ग्रंथमाला | 1404 |