| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 5065/1665 | निबंध | उपेक्षितांचे अंतरंग | प्रो. श्रीपाद महादेव माटे | श्रीमती लक्ष्मीबाई | 142 | |
| 5064/1666 | निबंध | केशवसुत भाग-5 | भवानी शंकर पंडित | महाराष्ट्र प्रकाशन गृह | 144 | |
| 5063/1667 | निबंध | महाराष्ट्र-साहित्य-पत्रिका | स.गं.मालशे | भीमराव कुलकर्णी | 128 | |
| 5062/1668 | निबंध | बहिष्कृत भारता तील अग्रलेख | रत्नाकर गणवीर | रत्नाकर गणवीर | 352 | |
| 5061/1669 | निबंध | काव्यचिकित्सा | मा.जूलियन | स.कृ.पाध्ये | 185 | |
| 5060/1670 | निबंध | विचार मंथन | श्री.म.माटे | व्हीनस प्रकाशन | 224 | |
| 5059/1671 | निबंध | प्रकाशयोजना व नेपथ्यरचना | डेरेक जेफेरिस | मौज प्रकाशन गृह | 79 | |
| 5058/1672 | निबंध | आधुनीक मराठी गद्य | रा.भि.जोशी | व्हीनस प्रकाशन | 254 | |
| 5057/1673 | निबंध | रंग भूमिवरील वास्तववाद | रा.शं.वालिंबे | अ.अं.कुलकर्णी | 34 | |
| 5056/1674 | निबंध | तांबे याचीं कला विषयक भूमिका | रा.शं.वालिंबे | अ.अं.कुलकर्णी | 48 |