| 22665/332 | पौराणिक | सार्थ श्रीवाल्मीकीरामायण | प्र.न.जोशी | विदर्भ प्रकाशन | 192 |
| 12426/476 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारतार्थ तृतीय खंड | आयार्य विष्णु वामन बापटशास्त्री | भारत-गौरव-ग्रंथमाला | 479 |
| 22666/146 | पौराणिक | भक्तीमार्ग प्रदीप | लक्ष्मण रामचंद्र | पांगारकर | 128 |
| 12427/477 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारताचें मराठी सुरस भाषांतर चतुर्थ खंड | आचार्य विष्णु वामन बापटशास्त्री | भारत-गौरव-ग्रंथमाला | 480 |
| 13963/307 | पौराणिक | श्रीगीतामृत-शतपदी | कै. खंडो कृष्ण उर्फ बाबा गर्दे | केशव भिकाजी ढवळे | 96 |
| 22667/341 | पौराणिक | विष्णु महापुराण | कानिटकर | कानिटकर | 119 |
| 12428/478 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारताचें मराठी सुरस भाषांतर पंचम खंड | आचार्य विष्णु वामन बापटशास्त्री | भारत-गौरव-ग्रंथमाला | 480 |
| 22668/341 | पौराणिक | विष्णु महापुराण | कानिटकर | कानिटकर | 119 |
| 12429/479 | पौराणिक | श्रीमन्महाभारताचें मराठी सुरस भाषांतर षष्ठ खंड | आचार्य विष्णु वामन बापटशास्त्री | भारत-गौरव-ग्रंथमाला | 478 |
| 22669/341 | पौराणिक | विष्णु महापुराण | कानिटकर | कानिटकर | 119 |