| 4985/1565 | निबंध | मराठी नाटयकला आणि नाटय वाङ्मय | श्री.ना.बनहट्टी | विद्यापीठ प्रकाशन | 225 |
| 4984/1563 | निबंध | मराठी वाङ्मयेतिहासाची प्रस्तावना | रा.शं.वाळिंबे | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 100 |
| 4983/1567 | निबंध | केसरीची त्रिमूर्ति | डॉ. पु.ग. सहस्त्रबुद्धे | ज.श्री.टिलक | 352 |
| 4982/1566 | निबंध | मराठी नाटयकला आणि नाटय वाङ्मय | श्री.ना.बनहट्टी | विद्यापीठ प्रकाशन | 225 |
| 4981/1569 | निबंध | हरिभाऊ विविध दर्शन | म.ना.अदवंत | स्कुल अंड कॉलेज बुक स्टॉल | 297 |
| 4980/1570 | निबंध | केलकर | केसरी प्रकाशन | केसरी प्रकाशन | 318 |
| 4979/1568 | निबंध | साहित्य-तोलन | मा.गो.देशमुख | अ.सु.देव | 248 |
| 4978/1559 | निबंध | विदर्भ संशोधन मंडल वार्षिक | ग.त्र्यं.देशपांडे | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 244 |
| 4977/1560 | निबंध | विदर्भ संशोधन मंडल वार्षिक | ग.त्र्यं.देशपांडे | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 240 |
| 4976/1571 | निबंध | न.चि.केलकर आठवणी | स.वि.बापट | केसरी-मराठा संस्था | 484 |