| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 9164/912 | चरित्र | व्यर्थ न हो बलिदान | त्र्यं.ल.कुलकर्णी | यशवंत प्रकाशन | 228 | |
| 4327/926 | निबंध | व्यवसाय-पत्रें | ना.ह.आपटे | वा.रा.पेंडसे | 132 | |
| 6245/1251 | संकीर्ण | व्यवस्थापनाची मूलतत्वे | शरु रांगणेकर | शरु रांगणेकर | 233 | |
| 20513/2468 | लघुकथा | व्यवस्थेचा ईश्वर | विश्वनाथ शिरढोणकर | मधुश्री प्रकाशन | 136 | |
| 20514/2466 | लघुकथा | व्यवस्थेचा ईश्वर | विश्वनाथ शिरढोणकर | मधुश्री प्रकाशन | 136 | |
| 20527/2451 | लघुकथा | व्यवस्थेचा ईश्वर | विश्वनाथ शिरढोणकर | मधुश्री प्रकाशन | 136 | |
| 20530/2452 | लघुकथा | व्यवस्थेचा ईश्वर | विश्वनाथ शिरढोणकर | मधुश्री प्रकाशन | 136 | |
| 22715/668 | संकीर्ण | व्यवहार | राम कृष्णा बजाज | सस्ता साहित्य मंडल | 230 | |
| 2996/53 | संकीर्ण | व्यवहार आणि शिष्टाचार | श्रीधर शामराव हणमंते | श्रीधर शामराव हणमंते | 201 | |
| 4473/1092 | निबंध | व्यवहारचतुर कसें व्हावें | र.सामंत | के.कोठावले | 94 |