| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 4538/1125 | निबंध | व्यवहारचतुर कसें व्हावें | र.सामंत | के.कोठावले | 94 | |
| 11253/56 | धर्म | व्यवहारधर्मबोध | नारायण पैकाजी पंडित | शंकर जयराम सोमवंशी | 263 | |
| 23091/213 | संदर्भ | व्यवहारिक ज्ञानकोश | ब.ना.ठकार | ग.र.भिडे | 78 | |
| 23151/204 | संदर्भ | व्यवहारिक ज्ञानकोश भाग 2 | गणेश रंगो भिडे | भिडे प्रकाशन | 807 | |
| 23145/206 | संदर्भ | व्यव्हारिक ज्ञानकोश भाग ४ | गणेश रंगो भिडे | भिडे प्रकाशन | 1524 | |
| 4134/714 | निबंध | व्यसन सम्राट यांचा दरबार | नारायण तनय | गोवर्धन संस्था | 116 | |
| 2358/2792 | कादंबरी | व्याध | देवदत्त पाटील | दिलीपराज प्रकाशन | 364 | |
| 833/931 | कादंबरी | व्याध | यु. भा. भावे | उपलब्ध नाही | 132 | |
| 10882/214 | लघुकथा | व्याधाची चांदणी | प्र.पाध्ये | - | 140 | |
| 12172/841 | लघुकथा | व्याधाची चांदणी | प्र.पाध्ये | कृ.ना.सापळे | 140 |