| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 14764/985 | नाटक | सिंहगडाच्या पायथ्याशीं | ग.ल.देसाई | म.कृ.सापळे | 88 | |
| 18860/1760 | काव्य | बहरून ये जरासा | सौ.शोभा तेलंग | श्याम दयार्णव कोपर्डेकर | 88 | |
| 23213/2383 | काव्य | गुलमोहर | माधव गोपाळ जामदार | मयूर प्रकाशन | 88 | |
| 3252/236 | संकीर्ण | वनराजांच्या भावकथा | प्र.सौ. कमल व श्री गोखले | लोकमान्य प्रकाशन | 88 | |
| 22964/2383 | काव्य | गुलमोहर | माधव गोपाळ जामदार | मयूर प्रकाशन | 88 | |
| 18357/1462 | काव्य | नादझोत | कल्याण इनामदार | हर्षद प्रकाशन | 88 | |
| 12217/860 | लघुकथा | निवळ प्रेसा साठीं | न.ना.पटवर्धन | - | 88 | |
| 20665/252 | धर्म | चार वेद | शंकर वासुदेव अभ्यंकर | आदित्य प्रतिष्ठान | 88 | |
| 12218/859 | लघुकथा | सिंधुलहरी | पां.अ.वेलणकर | पां.अ.वेलणकर | 88 | |
| 699/786 | कादंबरी | जग कुठं थांबलंच नाही! | श्रीपाद काळे | अस्मिता प्रकाशन | 88 |