| 15716/87 | अध्यात्म | छान्दोग्योपनिषद्भाष्यार्थ | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | विष्णु वामन भट | 684 |
| 12144/157 | पौराणिक | महाभारत खंड आठवा | डॉ. रा.शं. वाळिंबे | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 684 |
| 15520/547 | पौराणिक | महाभारत खंड 8 वा | डॉ. रा.शं. वाळिंबे व डॉ. य.स. वाळिंबे | विदर्भ मराठवाडा बुक कंपनी | 684 |
| 20588/1909 | चरित्र | स्वामी स्वरुपानंद जीवन चरित्र आणि तत्त्वज्ञान | रा.य.परांजपे | प्रकाश ना. जोशी | 685 |
| 16857/348 | काव्य | तुकारामबावा आणि त्यांचे शिष्य यांच्या अभंगांची गाथा | प्र.का.तुकाराम | - | 686 |
| 3121/187 | निबंध | लो. टिलकांचे केसरींतील लेख भाग 1 | न. चि. केलकर | केसरी-मराठा संस्था | 687 |
| 22342/6 | निबंध | लो.टीळकांचे केसरीतील लेख | ना.ची.केळकर | ना.ची.केळकर | 687 |
| 3969/549 | निबंध | लो.टिलकाचें केसरींतील लेख भाग 1 | केसरी | न. चि. केलकर | 687 |
| 4040/621 | निबंध | लो.टिलकाचें केसरींतील लेख भाग 1 | केसरी मराठा संस्था | न. चि. केलकर | 687 |
| 19662/1750 | संकीर्ण | चकवा चांदण एक वनोपनिषद | मारूती चितमपल्ली | मौज प्रकाशन गृह | 687 |