| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 20491/567 | पौराणिक | भगवदगीतेच्या अंतरंगांत | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 218 | |
| 16140/239 | अध्यात्म | भगवद्गीतेच्या अंतरंगांत | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 238 | |
| 16141/243 | अध्यात्म | ईश उपनिषदाचें अंतरंग | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 35 | |
| 16142/241 | अध्यात्म | कठ उपनिषदाचें अंतरंग | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 112 | |
| 16145/249 | अध्यात्म | भगवद्गीतेच्या अंतरंगांत | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 237 | |
| 16918/596 | अध्यात्म | प्रेमयोग | स्वामी विवेकानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 131 | |
| 18458/2168 | काव्य | कविता | स्वामी विवेकानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 93 | |
| 22607/316 | धर्म | हिमालयाच्या | स्वामी अखंडानन्द | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 163 | |
| 19550/2230 | संकीर्ण | श्रीरामकृष्ण-वचनामृत-3 | स्वामी शिवतत्त्वानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 760 | |
| 4226/818 | निबंध | शिकागो-व्याख्यानें | स्वामी विवेकानंद | स्वामी भास्करेश्वरानंद | 49 |