| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 5835/1004 | संकीर्ण | हे सर्व कोठून येते | विजय तेंडुलकर | चौफेर प्रकाशन | 230 | |
| 10447/667 | बाल वाचनालय | हे सारं खरं का? | 0 | 0 | 200 | |
| 11091/380 | लघुकथा | हे हदय कसे आईचे | प्रा.वसंत कानेटकर | अश्वमेध प्रकाशन | 160 | |
| 11191/509 | लघुकथा | हे हदय कसे आईचे | प्रा.व.कानेटकर | अश्वमेध प्रकाशन | 160 | |
| 14222/159 | विनोद | हें काय विचारणं झालं | मुकुंद पंडित | जे. विनायक प्रकाशन | 119 | |
| 14223/159 | विनोद | हें काय विचारणं झालं | मुकुंद पंडित | जे. विनायक प्रकाशन | 119 | |
| 14224/159 | विनोद | हें काय विचारणं झालं | मुकुंद पंडित | जे. विनायक प्रकाशन | 119 | |
| 14225/159 | विनोद | हें काय विचारणं झालं | मुकुंद पंडित | जे. विनायक प्रकाशन | 119 | |
| 12027/724 | लघुकथा | हें जीवन | ना.गंगोपाध्याय | रा.ज.देशमुख | 138 | |
| 17497/1863 | काव्य | हें लहानसें काव्य श्री. सर मल्लारीराव बाबासाहेब महाराज | परशुराम नारायण पाटणकर | 0 | 24 |