| पुस्तक क्र. | विषय | पुस्तकाचे नाव | लेखक | प्रकाशक | पान | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 11971/714 | लघुकथा | अंतरींचे बोल | वियोगी हरि | रा.ज.देशमुख | 125 | |
| 7769/132 | शास्त्रीय | अंतरिक्षविजय अथवा विमानविद्येचा विकास | श्री. गणेश नारायण जोशी | मनोहर रानडे | 213 | |
| 13103/1975 | लघुकथा | अंतराळातीळ भस्मासुर | जयंत नारळीकर | श्री विद्या प्रकाशन | 157 | |
| 470/547 | कादंबरी | अंतराळातील सुवर्णनगरी | गजानन क्षीरसागर | मेनका प्रकाशन | 136 | |
| 2257/2648 | कादंबरी | अंतराळ | गुरूनाथ नार्इक | प्रिया प्रकाशन | 220 | |
| 19874/2296 | लघुकथा | अंतराल | वि. वा. शिखाडकर | चेतश्री प्रकाशन | 96 | |
| 7002/1539 | संकीर्ण | अंतरा | के.वा.भोळे | मौज प्रकाशन | 226 | |
| 10675/159 | लघुकथा | अंतरपाट | व.पटवर्धन | श्री राम प्रकाशन | 120 | |
| 20395/2440 | काव्य | अंतरंग | पांडुरंग नरहर मांडके | शारदा प्रकाशन | 91 | |
| 1456/1597 | कादंबरी | अंतरंग | माधव कानिटकर | मेनका प्रकाशन | 118 |