| 12710/204 | पौराणिक | सान्वय-सार्थ श्रीमदभागवत भाग 8 वा | 0 | दामोदर सांवळाराम आणि मंडळी | 1600 |
| 22896/69 | अध्यात्म | बृहध्योगवासिष्ठासार | विष्णु वामन | दामोदर प्रकाशन | 1650 |
| 23128/322 | संदर्भ | धर्मकोश भाग 3 | लक्ष्मण शास्त्री जोशी | जोशी प्रकाशन | 1680 |
| 15573/54 | अध्यात्म | बृहद्योग वासिष्ठसार भाग 4 था | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | दामोदर सांवळाराम आणि मंडळी | 1680 |
| 20005/322 | संदर्भ | धर्मकोश भाग-तृतीय | लक्ष्मणशास्त्री जोशी | प्राजनपथाशाला मंडळ | 1683 |
| 5948/38 | इतिहास | तोतयाच्या बंडाचा बिमोड | वा. वा. खरे | 0 | 1700 |
| 11500/186 | धर्म | ऋग्वेद चतुर्थ खंण्ड | पं. श्रीराम शर्मा आचार्यृ | संस्कृति संस्थान | 1700 |
| 17174/283 | काव्य | कीर्तनसुधाधारा | श्री.वि.परांजपे | निर्णय सागर छापखान्यांत छापिलें | 1840 |
| 7569/83 | संकीर्ण | विष्णु कृष्णाशास्त्री पुराणिक | स.कृ.फडके | ग.वि.पुराणिक | 1855 |
| 16709/476 | अध्यात्म | योगवासिष्ठ भाग तिसरा | वे.शा.सं. विष्णु वामन बापट शास्त्री | गणेश विष्णु चिपळुणकर | 1876 |