| 1464/1605 | कादंबरी | हिंदुस्थानांतील तारा | साळुबाई भ्रतार भाऊसाहेब तांबवेकर | उपलब्ध नाही | 135 |
| 5380/1929 | निबंध | हिंदुस्थानच्या संघ स्थितीचें चित्र | अं.दा.काले | छापखान्यांत छापिलें | 106 |
| 22069/820 | इतिहास | हिंदुस्थानच्या इतिहासातील कृष्णपक्ष | पु.ना.ओक | अनिल रघुनाथ फडके | 208 |
| 6784/408 | इतिहास | हिंदुस्थानच्या इतिहासाचें अंतरंगदर्शन | प्रा.शं. दा. चितळे | अनाथ विद्यार्थी गृह प्रकाशन | 372 |
| 6821/408 | इतिहास | हिंदुस्थानच्या इतिहासाचें अंतरंगदर्शन | प्रा.शं. दा. चितळे | अनाथ विद्यार्थी गृह प्रकाशन | 372 |
| 8691/53 | प्रवास वर्णन | हिंदुस्थानचें व्यापारी भूवर्णन | धनुर्धारी | लक्ष्मीविलास प्रेस | 814 |
| 8654/32 | प्रवास वर्णन | हिंदुस्थानचें नंदनवन अर्थात काश्मीरचें वर्णन व वृत्तांत | गोविंद चिमणाजी भाटे | गोविंद चिमणाजी भाटे | 130 |
| 6427/248 | इतिहास | हिंदुस्थानचे हिन्दु सम्राट | वामन पुरूषोत्तम हर्डीकर | स्वाध्याय मंडल औंध | 102 |
| 4164/763 | निबंध | हिंदुस्थानची सोपपत्तिक शासनपध्दति | रा.वि.ओतुरकर | वि.ग.केतकर | 120 |
| 7615/44 | शास्त्रीय | हिंदुस्थानची शासनपद्धति | श्रीयुत शंकर यादव पोंक्षे | श्रीसरस्वती मंडळ, पुणें | 238 |